ॠतु बसंत

ॠतु गोयल की मानवीय संवेदनाओं से जुडे ब्लाग में आप का स्वागत है

Tuesday, July 28, 2026

स्त्री

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तुमसे पूछूँ ? मेरी सारी मुस्कानों पर क्यूं लगा है? तुम्हारी सहमति का एक अजीब पहरा। क्यूं जुड़ा है? तुम्हारे खुश होने पर ही बस मेरे खुश होने ...
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Saturday, February 28, 2026

मुक्तक होली

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तू महावर मेरा, मैं हूं रोली तेरी। तू मेरा हास्य है, मैं ठिठोली तेरी। तू है आंगन मेरा,मैं रंगोली तेरी। तू मेरा फाग है और मैं होली तेरी। तू ख़य...

मुक्तक जिंदगी

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 फूल है तो कभी, शूल है जिंदगी।  है सही तो कभी, भूल है जिंदगी।  जिंदगी के हरेक पल को जी ले जरा।  सांस गर थम गई, धूल है जिंदगी।
Friday, February 27, 2026

मुक्तक बुजुर्ग

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जिन्हें रिश्ते निभाने की कभी, आदत नहीं होती। दिलों में जिनके हरगिज़ भी,यहां उल्फत नहीं होती। किसी की खुशियों का एक पल भी जो, कारण न बन पाते।...
Tuesday, February 17, 2026

मुक्तक संस्कार

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खुशियों का सामान सज़ा कर रखते हैं। घर में कुछ मेहमान बुला कर रखते हैं। सभ्य हो रहे बच्चे दिन- ब- दिन ऐसे कि बूढ़े माँ- बाप छिपा कर रखते हैं। अ...

अग्रसेन महाराज

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तेरा हम वंदन करें,अग्रसेन महाराज। सारे जग में दिख रहें,तेरे पावन काज। इक रुपया इक ईट से,ऐसा बना समाज। आपस के सहयोग से,पूर्ण हुए सब काज। अग्र...

भारतीय लड़किया ज़िंदाबाद

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तुमने परचम लहराया। नहीं कम किसी से बतलाया। जीत-जीत कर हर पारी। कौशल अपना दिखलाया। कौन कहे तुम सबल नहीं। बेटों की भांति प्रबल नहीं। झंझावातों...
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