Saturday, February 28, 2026

मुक्तक होली

तू महावर मेरा, मैं हूं रोली तेरी।
तू मेरा हास्य है, मैं ठिठोली तेरी।
तू है आंगन मेरा,मैं रंगोली तेरी।
तू मेरा फाग है और मैं होली तेरी।

तू ख़याल है तो, मैं भी खयाल हूं।
तू धमाल है जो, मैं वो धमाल हूं।
तू भी खुशहाल है,मैं भी खुशहाल हूं। तू कमाल है गर, मैं भी कमाल हू।

मेरी मंजिल है तू,तू ही रस्ता मेरा
आंख में जो सजा, वो है सपना मेरा
रास खेले बिरज की, धरा पर चले
राधिका मैं तेरी, तू है कान्हा मेरा
                        ऋतु गोयल

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